धार्मिक आयोजनों से ही बचा है सनातनः मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती

नतून बाजार में भगवान जगन्नाथ का महास्नान व कलशयात्रा धूमधाम से संपन्न, उमड़े श्रद्धालु
कोलकाता : विगत वर्ष के भांति इस वर्ष भी नतून बाजार स्थित श्री जगन्नाथ स्वामी नूतन बाजार मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में ज्येष्ट पूर्णिमा के पावान अवसर पर भगवान जगन्नाथ के महास्नान का भव्य आयोजन किया गया। स्वामी आदित्यानंद महाराज विधिवत मंत्रोचातरण से पूजा प्रारंभ की इस दौरान भगवान श्री जगन्नाथ जी, भाई बलभद्र और बहन शुभद्रा तीनों का विधिवत 108 महिलाओं द्वारा लाये घड़े के जल से जलाभिषेक किया गया। उक्त अवसर पर भारी मात्रा में क्षेत्र की महिलाएं कलश यात्रा के दौरान गंगा नदी से सिर पर कलश लेकर मंदिर पहुंची और भगवान का जलाभिषेक किया।

इस मौके पर श्यामपुकुर की विधायक और राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने कहा महाप्रभु के प्रति लोगों की भक्ति देख मैं हर्षित हूं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों के कारण ही सनातन धर्म बचा है।

मौके पर विशिष्ठ अतिथि के तौर पर जोड़ासांको के विधायक विजय ओझा ने कहा कि इतनी सुबह इतनी भारी संख्या में महिलाओं व लोगों का इकट्ठा होना भक्ति और मंदिर की भव्यवता के आस्था को दर्शाता है।

पूर्व मेयर व पार्षदा मीना देवी पुरोहित, राधे श्याम अग्रवाल, बनवारी लाल सोती, जगमोहन बागला, सुरेंद्र अग्रवाल, पार्षद विजय उपाध्याय, पार्षद राजेश सिन्हा, हेमचंद्र अग्रवाल, चांद रतन लखानी, विद्यासागर मंत्री, डां. प्रभात सिंह, विमल भिवानीवाला, मंजू दुगड़, दूर्गा व्यास, महेंद्र अग्रवाल, जेपी सिंह, नंद किशोर लाखोटिया,अमित गुप्ता अमित भालोटिया,गिरधारीलाल मस्करा, सुरेंद्र खंडेलवाल, यशवंत सिंह, राजकुमार व्यास एवं अन्य अतिथीगण मौजूद रहे।


महास्नान पूजन के मुख्य यजमान श्वेता-सुरज चोखानी थे। कार्यक्रम का संचान सचिद्दानंद पारीक ने किया। श्री जगन्नाथ स्वामी नतून बाजार मंदिर ट्रस्ट के संस्थापक व संयोजक मनोज सिंह पराशर ने कहा कि हर वर्ष यहां पूजा भव्य रुप से आयोजित की जाती है। कलशयात्रा के लिए पंजीकरण की व्यवस्था की जाती है। प्रथम 108 महिलाओं को प्रभुस्नान में प्राथमिकता दी गयी। जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि कि महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं। इस कारण वे एकांतवास में रहते हैं। आज से मंदिर के कपाट 15 जुलाई तक बंद रहेंगा। गर्म कपड़ों में उन्हें सिंहासन से उतार कर बिस्तर मे लेटा दिया जाता है। पुरोहित उन्हें मधू, मिश्री,तुलसी पत्र आदि से निर्मित औषधि प्रदान करेंगे। इसके बाद भगवान स्वस्थ्य होते हैं। 15 नेत्र दान उत्सव मनाया जायेगा। प्रसाद वितरण के बाद भक्तों में भंडारा का आयोजन किया गया। आगामी 17 जुलाई को स्वस्थ्य होने के बाद वे रथ पर सवार हो कर घूमने निकलेंगे।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्नेह कुमार,संजय सोनकर, सचिन सोनकर, मुन्ना गुप्ता, दिलीप सोनकर, राजेश सिंह, विनोद सोनकर, सोनू साव, धर्मेंद्र गुप्ता, सुरेश केशरी, चंदन साव, मनीष गुप्ता, लक्ष्मण माली, दीपक साव समेत अन्य ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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