
कोलकाता, 24 जून । पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और सबंग विधानसभा क्षेत्र के सात बार के विधायक मानस भुइयां ने आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने बुधवार को उन्हें इस संबंध में याचिका दायर करने की अनुमति दे दी।
मानस भुइयां ने हाल में तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। इसके कुछ ही समय बाद उनके खिलाफ पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग क्षेत्र में आर्थिक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता विष्णुपुर ग्राम पंचायत क्षेत्र का निवासी है।
शिकायत के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले शिकायतकर्ता की पत्नी को तेमाथानी सिंचाई बंगले में सीआईएसबी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के अधीन नौकरी दिलाई गई थी। आरोप है कि यह नियुक्ति तत्कालीन मंत्री मानस भुइयां की मध्यस्थता से हुई थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि नौकरी के बदले शेख अबू कलाम बक्स और भोलानाथ दे को पांच लाख रुपये दिए गए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी पत्नी ने नौकरी ज्वाइन करने के बाद मार्च में वेतन भी प्राप्त किया था, लेकिन दो महीने के भीतर उसे नौकरी से हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी पत्नी की नौकरी चली गई और परिवार के पांच लाख रुपये भी डूब गए। इसके बाद उसने मानस भुइयां के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पूर्व सिंचाई मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, मानस भुइयां ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया है। अब उन्होंने कानूनी संरक्षण के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की मांग की है।
अदालत सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की अदालत में मामले की सुनवाई हो सकती है। दूसरी ओर, मानस भुइयां ने मेदिनीपुर जिला अदालत में भी अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, जिस पर 29 जून को सुनवाई निर्धारित है।
उल्लेखनीय है कि मानस भुइयां ने 13 जून को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा भेजकर तृणमूल कांग्रेस से संबंध समाप्त कर लिया था। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था।
