
कोलकाता। अर्बनेश्वर देवालय ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सप्ताहव्यापी श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा एवं ज्ञान यज्ञ प्रारंभ होते ही समूचा परिसर देवीमय वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति रस से आलोकित हो उठा । इमामी समूह के उद्योगपति राधेश्याम गोयनका एवं रामकुमार अग्रवाल, सुशील झुनझुनवाला, अनिल झुनझुनवाला, के. के. सिंघानिया, अशोक अग्रवाल तथा संजय ताईवाला सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया । सुप्रसिद्ध कथा व्यास पंडित विजय शंकर मेहता ने सरल आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए कहा सुख और दुःख दोनों से ऊपर उठने का नाम आनंद है । आनन्द आत्मा की अनुभूति है, आत्मा का स्वभाव है । पण्डित मेहता ने अपने प्रवचन में आदर्श दाम्पत्य जीवन एवं गृहस्थ धर्म पर प्रवचन से श्रोताओं को भाव – विभोर किया । उन्होंने कहा कि गृहस्थ जीवन केवल जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं, बल्कि प्रेम, संयम, संवाद और संस्कारों के संतुलन का नाम है । इमामी समूह के उद्योगपति राधेश्याम गोयनका ने कहा आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की समाज को अत्यंत आवश्यकता है । इस प्रकार के आयोजन न केवल व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में संस्कार, समरसता और आध्यात्मिक चेतना का भी संचार करते हैं । कथा में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्यता प्रदान की । पूरे परिसर में देवी भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला ।
