जामुड़िया की चुनावी सभा में फिल्मी रंग,अभिनेत्री ऐंद्रिला सेन ने चुनावी प्रचार से अधिक फिल्मों के प्रचार पर दिया जोर

जामुड़िया। पश्चिम बंगाल मे होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रचार अभियान को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में सोमवार को जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी एवं निवर्तमान विधायक हरेराम सिंह के समर्थन में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस जनसभा में बंगाली फिल्म जगत की चर्चित अभिनेत्री ऐंद्रिला सेन की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। जामुड़िया क्षेत्र के केंदा पुलिस फांड़ी मैदान में आयोजित इस जनसभा में बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्त्ता और समर्थक उपस्थित रहे । मंच पर पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा अभिनेत्री ऐंद्रिला सेन का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उन्हें उत्तरिय, पुष्पगुच्छ और विशाल माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हरेराम सिंह ने सभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कई तीखे आरोप लगाए और राज्य सरकार की विकास योजनाओं को जनता के सामने रखा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे आगामी मतदान में तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में मतदान करें, ताकि क्षेत्र में विकास कार्यों की गति बनी रहे। हालांकि, जिस अभिनेत्री ऐंद्रिला सेन को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग सभा में पहुंचे थे, उनके संबोधन का केंद्र राजनीतिक मुद्दों की अपेक्षा फिल्म जगत रहा। मंच पर अपने संक्षिप्त वक्तव्य में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में औपचारिक अपील तो की, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपनी आगामी फिल्मों के प्रचार को अधिक महत्व दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा कि वे हरेराम सिंह को मतदान कर विजयी बनाएं, साथ ही उनकी और अन्य कलाकारों की नई फिल्मों को भी अवश्य देखें, क्योंकि वही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इतना ही नहीं, उन्होंने मंच पर मौजूद हरेराम सिंह से भी उनकी फिल्मों को देखने का आग्रह किया, जिस पर प्रत्याशी ने सहमति जताते हुए कहा कि वे निश्चित रूप से उनकी फिल्में देखेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन में आमतौर पर फिल्मी हस्तियों से राजनीतिक संदेश की अपेक्षा की जाती है, लेकिन ऐंद्रिला सेन के वक्तव्य में फिल्मों के प्रचार को अधिक महत्व दिए जाने से यह चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जनसभा का आगामी चुनाव पर कितना प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, चुनावी माहौल में इस तरह के घटनाक्रम ने यह संकेत जरूर दिया है कि राजनीतिक मंचों पर भी फिल्मी दुनिया का प्रभाव किस तरह नजर आ रहा है। आगामी मतदान के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस जनसभा और उसमें दिए गए संदेशों का मतदाताओं पर कितना असर पड़ा।

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