ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड मुख्यालय में नए लेबर कोड पर चिंतन शिविर आयोजित

आसनसोल। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने साकतोड़िया स्थित अपने मुख्यालय के डिसेरगढ़ क्लब में एक दिवसीय “नया लेबर कोड चिंतन शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा के दिशा-निर्देश में आयोजित किया गया, जिसमें मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा पारित चार नए श्रम संहिताओं—कोड ऑन वेजेज, 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020, कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 तथा कोड ऑन ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस, 2020—के प्रावधानों पर गहन मंथन करना और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संगठनात्मक रणनीति तैयार करना था।

चार कोर ग्रुप्स ने की विस्तृत प्रस्तुति

चिंतन शिविर को चार कोर ग्रुप्स में विभाजित किया गया था, जिनमें प्रत्येक समूह ने एक-एक श्रम संहिता पर विस्तार से अध्ययन प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों में संबंधित कानूनों की प्रमुख धाराओं, संभावित व्यावहारिक चुनौतियों, प्रशासनिक बदलावों तथा कंपनी के संचालन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया। विशेष रूप से वेतन संरचना में संभावित बदलाव, औद्योगिक संबंधों में नई प्रक्रियाएं, सामाजिक सुरक्षा लाभों का विस्तार तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य मानकों को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि नए लेबर कोड के अनुरूप नीतिगत और प्रक्रियात्मक सुधार समयबद्ध तरीके से लागू किए जाएं।

जीएम लीगल ने किया नेतृत्व

चिंतन शिविर का संचालन और नेतृत्व जीएम (लीगल) अशोक पात्रा ने किया। उन्होंने कानूनी प्रावधानों की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि नए श्रम कानूनों का उद्देश्य पारदर्शिता, श्रमिक हितों की सुरक्षा और औद्योगिक वातावरण में संतुलन स्थापित करना है। इस अवसर पर जीएम एचओडी (आईआर) पुण्यदीप भट्टाचार्य, जीएम एचओडी (आईआर) तमोशी रॉय चौधरी, जीएम एचओडी (वेलफेयर) रवि रश्मि रंजन लाकड़ा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने अपने-अपने विभागों के दृष्टिकोण से नए प्रावधानों के क्रियान्वयन की रणनीति साझा की।

सहभागितापूर्ण और ज्ञान-वर्धक मंच

चिंतन शिविर को एक खुले और सहभागितापूर्ण ज्ञान मंच के रूप में डिज़ाइन किया गया था। इसमें अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए, जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की तथा व्यावहारिक समाधान सुझाए। मानव संसाधन विभाग के अबीर मुखोपाध्याय, नजरूल इस्लाम, जीएम (एचआरडी) मदन मोहन कुमार सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया।

अनुपालन और क्षमता निर्माण पर जोर

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नए श्रम कानूनों के सफल कार्यान्वयन के लिए कर्मचारियों और प्रबंधन दोनों स्तरों पर जागरूकता और क्षमता निर्माण आवश्यक है। ईसीएल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वह कंप्लायंस की पूरी तैयारी, प्रक्रियाओं के अद्यतन, और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।

यह पहल ईसीएल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत कंपनी एक सुदृढ़, पारदर्शी और लोगों-केंद्रित गवर्नेंस फ्रेमवर्क विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। चिंतन शिविर के माध्यम से संगठन ने यह संदेश दिया कि बदलते श्रम कानूनों के अनुरूप स्वयं को ढालते हुए वह औद्योगिक शांति, श्रमिक कल्याण और बेहतर कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है।

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