कोलकाता, 30 जनवरी । कोलकाता के आनंदपुर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शुक्रवार को इसे अत्यंत मर्मांतक और दुखद बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। राज्यपाल शुक्रवार दोपहर जली हुई फैक्ट्री और गोदाम का स्थल निरीक्षण करने आनंदपुर पहुंचे।
इससे पहले राज्यपाल महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित गांधीघाट पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आनंदपुर अग्निकांड पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है तथा इसकी गहन जांच आवश्यक है।
बैरकपुर के कार्यक्रम के बाद राज्यपाल दोपहर करीब 12 बजे के बाद आनंदपुर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेकर स्थिति की समीक्षा की।
उल्लेखनीय है कि कोलकाता के उपनगर आनंदपुर में एक मॉमो फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग लग गई थी। हादसे के वक्त कई कर्मचारी परिसर में मौजूद थे। इस घटना में कई लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार सुबह तक 25 शवों के अवशेष बरामद किए जाने की सूचना है।
मामले की जांच में पुलिस ने पहले डेकोरेटर कंपनी के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया था, जिसे बुधवार को बारुईपुर अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में लिया गया। इसके बाद पुलिस ने मॉमो निर्माण इकाई से जुड़े दो अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है।
बताया गया है कि कंपनी के मैनेजर मनोरंजन शिट और डिप्टी मैनेजर राजा चक्रवर्ती को नरेंद्रपुर थाना पुलिस ने गुरुवार रात छापेमारी कर गिरफ्तार किया।
इधर, आनंदपुर अग्निकांड के विरोध में राज्य के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में शुक्रवार को विरोध मार्च निकाला गया। कलकत्ता हाईकोर्ट की अनुमति के बाद यह मार्च ईएम बाइपास के पास गरिया ढालाई ब्रिज से शुरू होकर नरेंद्रपुर थाना तक गया। मार्च के दौरान दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
वहीं, शुक्रवार सुबह एसयूसीआई (एसयूसीआई) का एक प्रतिनिधिमंडल भी घटनास्थल पहुंचा, हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
