डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर में ‘गोल्डन माइल चैलेंज’, मैराथन का आयोजन


दुर्गापुर। डीएवी मॉडल स्कूल, दुर्गापुर में विद्यालय के स्वर्णजयंती के तहत आयोजित कार्यक्रमों के क्रम में आज डीएवी के विभिन्न विद्यालयों के साथ-साथ दुर्गापुर के अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को लेकर एक ‘गोल्डन माइल चैलेंज’, मैराथन का आयोजन किया गया था। लड़कों के लिए पाँच किलोमीटर, लड़कियों के लिए तीन किलोमीटर, अभिभावकों एवं विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों के लिए दो किलोमीटर दौड़ का आयोजन किया गया था। इस मैराथन में 50 लड़कों ने, 47 लड़कियों ने, 75 अभिभावकों ने एवं 16 पूर्व विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्रोच्चार और डीएवी गान के साथ हुआ, तत्पश्चात् विद्यालय की प्राचार्य सह क्षेत्रीय अधिकारी, डीएवी संस्थान, पश्चिम बंगाल प्रक्षेत्र पापिया मुखर्जी ने हर्षोल्लास व्यक्त करते हुए आगत सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों का स्वागत किया। उन्होंने 50-वर्षीय उत्तराधिकार पर गर्व करते हुए कहा कि हमने 50 वर्ष पूरा कर लिया है, इसलिए इस मैराथन का नामकरण ‘गोल्डन माइल चैलेंज’ किया है। आज हम अगले 50 वर्ष की नींव डाल रहे हैं। गोल्डन माइल चैलेंज हमारे छात्रों, शिक्षकों और हितधारकों द्वारा ज्ञान, चरित्र और समुदाय की प्राप्ति के लिए उठाए गए हर क़दम को श्रद्धांजलि है। जैसे ही हम इस स्वर्ण जयंती का जश्न मनाते हैं, हम नैतिकताओं के साथ उत्कृष्टता को पोषित करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनर्पुष्टि करते हैं। विद्यालय की यह सफलता बताता है कि डीएवी मॉडल स्कूल ने अपनी समग्र शिक्षा में योगदान के पचास वर्षों का उत्सव ही नहीं मनाया, बल्कि विद्यार्थियों को एक स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से दौड़ को पूरा करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सोमा बिस्वास, पूर्व ओलम्पियन, अर्जुन एवार्डी ने कहा कि वे खेल से बहुत प्रभावित हैं, इसलिए उन्होंने खेल को ही अपना कैरियर बनाया। उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि जो बच्चा खेल को अपने कैरियर बनाना चाहता है तो आप उसे अपना समर्थन दीजिए। उसे प्रेरित कीजिए। उन्होंने यह कहा कि यदि कोई बच्चा भविष्य में किसी भी पेशा को अपनाए, यदि वह शारीरिक रूप से स्वस्थ और मज़बूत नहीं होगा तो ठीक से काम नहीं कर सकेगा। सम्माननीय अतिथि अभिषेक गुप्ता, डीसीपी, इस्ट ज़ोन-1, आसनसोल-दुर्गापुर कमिश्नरेट ने भी सभी को अपनी शुभेच्छा प्रदान किया। सम्माननीय अतिथि कर्नल हितार्थ सर्वाइया, सीओ, 10 बंगाल बटालियन ने कहा कि यह दौड़ जीवन का केवल एक दौड़ नहीं है, बल्कि जीवन स्वयं में ही एक दौड़ है, अतः दौड़ते रहें ताकि स्वस्थ बने रहें।
इस दौड़ में लड़के और लड़कियों में से प्रथम पाँच-पाँच धावकों को नक़द इनाम क्रमशः सात हज़ार रुपये, पाँच हज़ार रुपये, तीन हज़ार रुपये, दो हज़ार रुपये, और एक हज़ार रुपये दिए गए, जबकि अभिभावकों एवं पूर्व विद्यार्थियों को क्रमशः चार हज़ार रुपये, तीन हज़ार रुपये और दो हज़ार रुपये नक़द इनाम के रुप में दिए गए।
लड़कों में प्रथम दीप सिंह (धंदाबाग़ हिंदी हाई स्कूल), द्वितीय शुभम कुमार (नेपाली पाड़ा हिंदी हाई स्कूल), तृतीय शांतनु कुमार महातो (बेनाचिती भारतीय हिंदी हाई स्कूल), चतुर्थ प्रीतम महातो (बनाचिती भारतीय हिंदी हाई स्कूल), पंचम बिस्वदीप घोष (डीएवी रुपनारायणपुर) रहे, जबकि लड़कियों में प्रथम श्रेयषी दत्ता (डीएवी रानीगेंज), द्वितीय दीया तिवारी (धंदाबाग़ हिंदी हाई स्कूल), तृतीय तनिमा मंडल (डीएवी, एमटीपीएस, बाँकुरा), चतुर्थ दुर्बा नंदी (डीएवी एमटीपीएस, बांकुरा) एवं पंचम रोशनी भगत (डीएवी कन्यापुर, आसनसोल) रहीं।
अभिभावकों में प्रथम रंजीत साहा, द्वितीय सौमेन पाल एवं तृतीय सौरभ लाहा रहे, जबकि पूर्व विद्यार्थियों में सर्बोजीत राय चौधुरी प्रथम, शुभब्रत चौधुरी द्वितीय और उत्कर्ष दुबे तृतीय स्थान पर रहे। प्रत्येक प्रतिभागी को भागीदारी प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रबंधन समीति, डीएवी के अन्य विद्यालयों के प्राचार्य, अरविंद थाना, हेल्थ वर्ल्ड अस्पताल का भी योगदान रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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