रानीगंज के चौधरी भवन में पत्रकारों से रूबरू होते ओमकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी जी महाराज

उद्योगपति राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने कहा रानीगंज की धरती पर महामंडलेश्वर आगमन से यहां के निवासियों को दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ

 

रानीगंज। मध्य प्रदेश के ज्योतिर्लिंग ओमकारेश्वर के महा मंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद पुरी कोलकाता से वापस जाने के क्रम में रानीगंज के चौधरी भवन में पत्रकारों से अपने संवाद में कहा कि बनारस के ज्ञानवापी में भगवान शिव के मंदिर हैं। यह सर्वे विभाग ने पहले साबित कर चुका है। अदालत ने इसकी पुष्टि कर दी है। जो भी फैसले सुनाई गई है। वह स्वागतयोग एवं देश हित में है। इसे सहज तरीके से स्वीकार लेनी चाहिए। जीतने दिनों तक यह मामला चलेगा, देश में उतना ही विवाद होता रहेगा ,इसलिए जितना भी जल्द हो सके इस मंदिर को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए। भगवान शिव ज्ञान के भंडार हैं। ज्ञानवापी शब्द ही वहां से आया है ।वहां जो कुआं है जिसे ज्ञानवापी कुआं है। भगवान शिव ने माता पार्वती के आराधना पर इसकी संरचना कीए थे। आज भी भगवान नंदी का मुख ज्ञानवापी शिवलिंग की ओर है। उन्होंने कहा विवाद की जरूरत नहीं है ।स्पष्ट रूप से पूरा चित्र दिखाई दे रहा है। इसे स्वीकारने में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर उद्योगपति राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने कहा कि रानीगंज की धरती पर इतने बड़े धर्मगुरु के आवागमन से यहां के लोगों को उनके दर्शन करने का अवसर मिला यह हमारा सौभाग्य है।

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